ओडिशा में जारी अघोषित बिजली कटौती ने आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भीषण गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से घरों, अस्पतालों, दुकानों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे समय में उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव का यह कहना कि अत्यधिक लोड और बढ़ती मांग के कारण बिजली कटौती हो रही है, तकनीकी तौर पर सही हो सकता है, लेकिन यह जनता की पीड़ा का समाधान नहीं है। सवाल यह है कि जब हर साल गर्मियों में मांग बढ़ती है, तो व्यवस्था पहले से मजबूत क्यों नहीं की गई? टाटा पावर और बिजली वितरण तंत्र की जवाबदेही तय करना सरकार की जिम्मेदारी है। बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती अब सामान्य बात बन चुकी है। जनता केवल कारण नहीं, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति चाहती है। सरकार को अब सफाई देने के बजाय कड़े कदम उठाने होंगे। यदि हालात नहीं सुधरे, तो लोगों का बढ़ता आक्रोश राजनीतिक चुनौती में बदल सकता है। Post navigation Ratna Bhandar inventory work to postpone from Tomorrow Due to Heat, Crowd Odisha CM works on Holiday: ଛୁଟି ଦିନରେ ଅଫିସ କାର୍ଯ୍ୟ କଲେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ; ଆଇନ ଶୃଙ୍ଖଳା ପରିସ୍ଥିତି ସମ୍ପର୍କରେ କଲେ ଆଲୋଚନା