विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद के बीच, ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव (INDI) अलायंस’ के सांसद ‘लोकतंत्र बचाओ’ (Save Democracy) का बैनर लेकर संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक विरोध मार्च कर रहे हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं । राहुल गांधी, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसद अभी नीति आयोग के पास धरना दे रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के कुछ नेता बैरिकेड्स पर चढ़ गए हैं । विरोध स्थल पर “वोट चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगाए जा रहे हैं । 19 विपक्षी पार्टियां SIR को लेकर विरोध कर रही हैं और चुनाव आयोग की ओर मार्च करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर जवाब मांग रही हैं । जब विपक्षी सांसद भारत के चुनाव आयोग (ECI) के दफ़्तर की ओर मार्च कर रहे थे, तो बैरिकेड पार करते समय दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को रोक दिया। सांसदों ने कहा कि वे तब तक अपना धरना जारी रखेंगे जब तक उन्हें ECI दफ़्तर जाने की इजाज़त नहीं मिल जाती। यह विरोध SIR प्रक्रिया और वोटर एनरोलमेंट फॉर्म में बिना इजाज़त बदलाव के आरोपों को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच हो रहा है । पिछले महीने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में SIR से जुड़े आदेशों और निर्देशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी । उनका कहना था कि ये आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे । हालांकि, चुनाव आयोग ने तीन सदस्यीय पैनल में मतभेद की बातों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR पर फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे । Post navigation Pitabas Panda Murder Case: ପୀତାବାସ ପଣ୍ଡା ହତ୍ୟା ମାମଲା: ଜେଲ୍ରୁ ଫୋନ୍ କଲ୍ ଅଭିଯୋଗ ପରେ ଥାନାରେ ହାଜର ହେଲେ ବିକ୍ରମ ପଣ୍ଡା