भारतीय नौसेना को आज एक और ताकत मिल गई । स्वदेश में निर्मित युद्धपोत INS महेन्द्रगिरि को आज विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना में शामिल किया । उन्होंने इसे भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया । लोकार्पण समारोह के दौरान राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस युद्धपोत का नाम ओडिशा के प्रसिद्ध महेन्द्रगिरि पर्वत के नाम पर रखा गया है । उन्होंने कहा कि महेन्द्रगिरि न सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है । रक्षा मंत्री ने इस मौके पर ओडिशा की जमकर सराहना की और कहा कि राज्य ने देश की रक्षा और संस्कृति को मजबूत करने में हमेशा अहम योगदान दिया है । INS महेन्द्रगिरि प्रोजेक्ट-17A के तहत बना एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है । यह दुश्मन की रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है । इसके नौसेना में शामिल होने से समुद्री सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी । समारोह में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद थे । Post navigation 15 Indians Dead in Vietnam Boat Tragedy, search on for Missing Tourists