टी20 क्रिकेट में भारत का दबदबा किसी से छिपा नहीं है। 2024 और 2026 में लगातार विश्व कप जीतने के साथ टीम इंडिया अब तीन टी20 विश्व कप खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन चुकी है। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के नाम दो-दो खिताब हैं। लेकिन यही विश्व विजेता टीम विदेशी धरती पर लगातार संघर्ष करती नजर आ रही है। आयरलैंड के खिलाफ 2-0 की ऐतिहासिक सीरीज हार के बाद इंग्लैंड में भी भारत 3-0 से पिछड़ चुका है और एक मैच अभी बाकी है। यह केवल हार का सिलसिला नहीं, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में टीम की कमजोरियों का संकेत है। विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन और द्विपक्षीय विदेशी दौरों में लगातार विफलता के बीच का अंतर अब चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय क्रिकेट की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है। जरूरत है विदेशी परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर तैयारी, मजबूत बेंच स्ट्रेंथ और स्पष्ट रणनीति की। विश्व चैंपियन होने का असली अर्थ तभी साबित होगा, जब टीम इंडिया दुनिया के हर मैदान पर उसी आत्मविश्वास और निरंतरता के साथ जीत दर्ज करेगी। Post navigation Centre issues New Guidelines on National Anthem and National Song