सरकार ने बताया कि अमेरिका के बाद भारत दूसरा ऐसा देश बन गया है जिसने ओमान के साथ एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) किया है। यह समझौता भारतीय निर्यात को ओमान की 98.08% टैरिफ लाइनों पर ज़ीरो-ड्यूटी एक्सेस देता है, जो व्यापार मूल्य का 99.38% कवर करता है। भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता, जिस पर 6 महीने पहले हस्ताक्षर हुए थे, सोमवार से लागू हो रहा है। ओमान के मुख्य बंदरगाह, जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर स्थित हैं, भारत को सुरक्षित और कुशल व्यापार गलियारे प्रदान करते हैं, जिससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच लॉजिस्टिक्स की मज़बूती बढ़ती है। इस समझौते से भारतीय MSME के लिए गेम-चेंजर साबित होने की उम्मीद है, जिससे इंजीनियरिंग सामान, कपड़ा, चमड़ा, ऑटो कंपोनेंट्स और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निर्यात के नए अवसर पैदा होंगे। CEPA भारतीय पेशेवरों के लिए IT, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, इंजीनियरिंग और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में रास्ते खोलता है, जबकि डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी करता है। यह समझौता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। CEPA से सामान, सेवाओं और निवेश सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। ओमान खाड़ी क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को बाज़ार तक बेहतर पहुंच मिलने और पश्चिम एशिया के साथ आर्थिक जुड़ाव बढ़ने की संभावना है। Post navigation CBSE Re-Evaluation Portal Opens: ପୁନଃ ମୁଲ୍ୟାୟନ ପାଇଁ ଖୋଲିଲା ସିବିଏସଇ ପୋର୍ଟାଲ