प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष संदेश जारी करते हुए उनसे “वोकल फॉर लोकल” अभियान को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपनी यात्रा के कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर में बने स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि वहां के परिवारों और युवाओं की आजीविका को मजबूती मिल सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा बर्फानी की यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और “विविधता में एकता” का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों की मेहमाननवाजी और यात्रा मार्ग पर पोनीवालों, पिट्ठुओं, दुकानदारों तथा अन्य स्थानीय लोगों की निस्वार्थ सेवा की सराहना की। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने का भी आग्रह किया। इनमें यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखना, प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करना, स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देना, रक्षाबंधन पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा भेंट करना तथा पूरे वर्ष ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना शामिल है। प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना, केंद्रीय सुरक्षा बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासन, स्वयंसेवकों और अमरनाथ यात्रा के सफल संचालन में जुटे सभी लोगों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कामना की कि बाबा अमरनाथ का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित, मंगलमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाए। Post navigation Pakhala Dibasa 2026: ପଖାଳ ଦିବସରେ ୮୫ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ଖର୍ଚ୍ଚ ପ୍ରସଙ୍ଗ; ପଖାଳକୁ ବିଶ୍ବସ୍ତରରେ ପହଞ୍ଚାଇବାକୁ ଥିଲା ସରକାରଙ୍କ ପ୍ରୟାସ: ପ୍ରଭାତୀ ପରିଡ଼ା