सरकार लगातार दावा कर रही है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसके बावजूद पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, अफरा-तफरी और कई जगहों पर ईंधन की कमी जैसी स्थिति देखने को मिली। आखिर इसकी असली वजह क्या है? विशेषज्ञों के अनुसार, संकट का मुख्य कारण सप्लाई चेन में बाधा और लोगों के बीच फैली घबराहट रही। परिवहन से जुड़े संगठनों की हड़ताल, टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होना और कुछ इलाकों में वितरण व्यवस्था चरमराने से पेट्रोल पंपों तक समय पर ईंधन नहीं पहुंच पाया। इसके साथ ही सोशल मीडिया और अफवाहों ने हालात को और बिगाड़ दिया। लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे अचानक मांग कई गुना बढ़ गई। कई पंपों पर कुछ घंटों में ही स्टॉक खत्म होने लगा और लंबी कतारें दिखने लगीं। यानी असली संकट ईंधन की उपलब्धता से ज्यादा वितरण व्यवस्था और पैनिक बाइंग का था। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब लोगों का भरोसा बहाल करना और सप्लाई को सामान्य बनाए रखना है। Post navigation Nitin Nabin’s Odisha Visit: କାଲି ଓଡ଼ିଶା ଆସିବେ ବିଜେପି ରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ସଭାପତି ନିତିନ ନବୀନ