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एक बड़ी घटनाक्रम में, दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक, महीनों की नाकेबंदी के बाद फिर से खुलने जा रहा है, क्योंकि US सेंट्रल कमांड ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी आधिकारिक तौर पर हटा ली है ।
 
CENTCOM ने गुरुवार को जानकारी दी कि अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम MoU (समझौता ज्ञापन) पर डिजिटल हस्ताक्षर होने के बाद, उसने ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले कमर्शियल जहाजों पर लगी सभी पाबंदियां हटा ली हैं। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले कमर्शियल जहाजों पर सख्त पाबंदियां लागू करना बंद कर दिया है ।
 
होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बड़ी घोषणा के बाद, ग्लोबल एनर्जी मार्केट ने राहत की सांस ली है। हालाँकि, CENTCOM ने यह चेतावनी भी दी है कि अमेरिकी सेना के युद्धपोत इस इलाके से हट नहीं रहे हैं, बल्कि वे युद्धविराम समझौते के पालन की निगरानी पर ध्यान केंद्रित करेंगे ।
 
भारत, दूसरे बड़े देशों की तरह, अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफ़ी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है। यह रणनीतिक रूप से अहम ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ के ज़रिए ईरान और दूसरे खाड़ी देशों से कच्चा तेल और LPG गैस आयात करता है । इस जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) की कई महीनों तक चली नाकेबंदी से भारत की ऊर्जा ज़रूरतों पर असर पड़ा था, जिससे ईंधन और LPG की कमी हो गई थी। इस नाकेबंदी का असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर भी पड़ा, जिसका सीधा असर भारत में ईंधन और गैस की कीमतों पर हुआ। अब, इस घोषणा के बाद, आने वाले हफ़्तों में ईंधन और गैस की कीमतें कम होने की उम्मीद है।
 
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का पहला LNG टैंकर रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर चुका है। ‘दिशा’ नाम का यह LNG कैरियर भरूच के दहेज पोर्ट पर सुरक्षित रूप से पहुँच गया है।

By Nirvay

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