मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर ईंधन की लागत को लेकर चिंता बढ़ गई है । कच्चे तेल की कीमतों में अचानक 3% की बढ़ोतरी हुई है और दाम 78 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गए हैं । यह उछाल ईरान और अमेरिकी सेनाओं के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आमने-सामने की स्थिति की खबरों के बीच आया है । होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल परिवहन का एक अहम मार्ग है । अमेरिकी सेना ने ईरान पर बड़ा हमला किया । ईरान के वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बनाया गया ।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध जैसी स्थिति के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया । दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन होर्मुज जलडमरूमध्य से होता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की रुकावट या सैन्य टकराव का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है और आपूर्ति में कमी का डर पैदा हो जाता है । बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल में आई इस अचानक तेजी से भारत सहित तेल आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ सकता है । अगर तनाव जारी रहा तो आने वाले दिनों में खुदरा ईंधन की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है । फिलहाल मध्य पूर्व की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं । Post navigation Missing Fishing Trawler in West Bengal: ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ଗଭୀର ସମୁଦ୍ରରେ ମତ୍ସ୍ୟଜୀବୀ ନିଖୋଜ ଘଟଣା, ୩ ଓଡ଼ିଆ ସମେତ ୯ ଜଣଙ୍କ ମୃତଦେହ ଉଦ୍ଧାର OCC Executive Engineer under Vigilance Scanner: ଭିଜିଲାନ୍ସ ଜାଲରେ ଆଇଟିଡିଏ ପୂର୍ବତନ ସହକାରୀ ଯନ୍ତ୍ରୀ