Jairam Ramesh Questions Bauxite Mining Dispute in Koraput

ओडिशा के कोरापुट जिले में प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने इस मुद्दे को उठाते हुए वनाधिकार कानून, 2006 के कथित उल्लंघन पर चिंता जताई है।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा कि अडानी समूह की सहायक कंपनी कलिंगा एल्युमिना लिमिटेड द्वारा लगभग 400 एकड़ वन भूमि को खनन गतिविधियों के लिए उपयोग में लाने की योजना का स्थानीय ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रभावित समुदायों के पारंपरिक और धार्मिक अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि इन अधिकारों को वनाधिकार कानून के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

उन्होंने दावा किया कि परियोजना से जुड़े कुछ मामलों में ग्राम सभा की स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रमेश के अनुसार, स्थानीय लोगों ने वन भूमि हस्तांतरण और मंजूरी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह केवल कोरापुट तक सीमित मुद्दा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कालाहांडी और रायगड़ा जैसे अन्य जिलों में भी खनन परियोजनाओं को लेकर इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय से इन मामलों की समीक्षा करने और बार-बार उभर रहे विरोध प्रदर्शनों के कारणों की जांच करने की मांग की।

रमेश ने जोर देकर कहा कि विकास और औद्योगिकीकरण के साथ-साथ आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने और वनाधिकार कानून का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

By Nirvay

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