खबरों के मुताबिक, भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंग ‘अग्निपथ योजना’ के तहत अग्निवीरों के लिए परमानेंट रिटेंशन कोटा (स्थायी रूप से रखने का कोटा) बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। भारतीय नौसेना ने 70% से 75% अग्निवीरों को रेगुलर सेलर्स (नियमित नाविकों) के तौर पर बनाए रखने का प्रस्ताव दिया है, जो तीनों सेनाओं में सबसे ज़्यादा है। इसी तरह, भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना भी 50% अग्निवीरों को परमानेंट कर्मचारियों के तौर पर बनाए रखने पर विचार कर रही हैं। मौजूदा अग्निपथ योजना के अनुसार, 4 साल बाद केवल 25% अग्निवीरों को ही रेगुलर सर्विस में बनाए रखा जाना है। बाकी 75% को उनका कार्यकाल पूरा होने पर लगभग ₹12 लाख का ‘सेवा निधि’ पैकेज दिया जाता है। अग्निवीरों के पहले बैच का 4 साल का सर्विस पीरियड अक्टूबर 2026 में खत्म होने वाला है। रिटेंशन कोटा बढ़ाने का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब सेनाएं पिछले कुछ सालों में अग्निवीरों के परफॉर्मेंस और उपयोगिता की समीक्षा कर रही हैं। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कोटे में किसी भी बदलाव के लिए सरकार से औपचारिक मंज़ूरी की ज़रूरत होगी। Post navigation Modi’s Tri Nation Visit: ତ୍ରିରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ଗସ୍ତରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦି Odisha Flood Alert: ବୈତରଣୀ ବନ୍ୟା ଆଶଙ୍କା: ଜଳସମ୍ପଦ ସର୍ବୋଚ୍ଚ ଯନ୍ତ୍ରୀ