ई20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्पष्ट संदेश महत्वपूर्ण है । उन्होंने कहा कि यदि किसी एक भी वाहन में ई20 के कारण तकनीकी खराबी हुई हो, तो उसका नाम बताइए, शिकायत सीधे उन्हें और संबंधित डीलर को भेजिए । उनका दावा है कि ई20 के खिलाफ भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि देश में अधिकांश नए वाहन इस ईंधन के अनुरूप बनाए जा चुके हैं । ई20 केवल एक वैकल्पिक ईंधन नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण अभियान है। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों को गन्ना और मक्का जैसी फसलों का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी । सरकार का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था—दोनों को एक साथ मजबूत करना है । नई तकनीकों को लेकर शुरुआती आशंकाएं स्वाभाविक हैं, लेकिन परिवर्तन का विरोध तथ्यों के बजाय भ्रांतियों पर आधारित नहीं होना चाहिए । यदि कोई वास्तविक समस्या है तो उसके समाधान की व्यवस्था मौजूद है । ऐसे में ई20 को संदेह नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रीय हित के व्यापक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है । Post navigation Calcutta HC allows TMC to use 3 Frozen Bank Accounts Novo Nordisk launches World’s first Once-Weekly Insulin ‘Awiqli’ in India