ओडिशा की मशहूर कोरापुट कॉफ़ी को 18वें ब्रिक्स समिट के लिए तैयार की गई मीडिया किट में जगह मिली है, जिससे राज्य की इस खास कॉफ़ी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया मंच मिला है। इस मीडिया किट में भारत की अलग-अलग सांस्कृतिक, खान-पान और हस्तशिल्प परंपराओं की झलक दिखाई गई है। कोरापुट कॉफ़ी के साथ-साथ, बिहार का पारंपरिक सत्तू और मखाना, और गुजरात के मशहूर हस्तशिल्प भी उन उत्पादों में शामिल हैं जो भारत की समृद्ध क्षेत्रीय विविधता को दर्शाते हैं। 18वां ब्रिक्स समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 तारीख को होने वाला है। इस समिट में भारत और दुनिया भर से पत्रकारों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत की विविध परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की ओर उनका ध्यान खींचने के मकसद से, विदेश मंत्रालय ने मीडिया किट में अलग-अलग राज्यों के उत्पादों को शामिल किया है। मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का मकसद भारत की विविधता के ज़रिए उसकी कहानी को पेश करना है, साथ ही उसकी स्थानीय विरासत, इनोवेशन और विकास को भी उजागर करना है। अलग-अलग क्षेत्रों के उत्पादों को शामिल करने का एक मकसद अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को पेश करना भी है। मीडिया किट में भारत की अलग-अलग सांस्कृतिक, खान-पान और हस्तशिल्प परंपराओं की झलक दिखाई गई है। कोरापुट कॉफ़ी के साथ-साथ, बिहार का पारंपरिक सत्तू और मखाना, और गुजरात के मशहूर हस्तशिल्प भी उन उत्पादों में शामिल हैं जो भारत की समृद्ध क्षेत्रीय विविधता को दर्शाते हैं। ओडिशा सरकार की भागीदारी से, यह समिट आने वाले लोगों को कोरापुट कॉफ़ी की ब्रांडिंग, स्वाद और खुशबू का अनुभव करने का मौका भी देगा। उम्मीद है कि इस पहल से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच इस कॉफ़ी की पहचान बढ़ेगी और ओडिशा के एक खास उत्पाद के तौर पर इसकी पहचान और मज़बूत होगी। Post navigation Brahmapur Flyover Row: ବ୍ରହ୍ମପୁରରେ ଫ୍ଲାଇଓଭର ନିର୍ମାଣ ଅନିୟମିତତା: ସାଂସଦ ପ୍ରଦୀପ ପାଣିଗ୍ରାହୀଙ୍କ ପତ୍ର ପରେ ତଦନ୍ତ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦେଲେ CMO Orangutans Rescued In Odisha: ଶିଶୁ ଓରାଙ୍ଗଉଟାନ୍ ଜବତ ଘଟଣା: ମିଜୋରାମରେ ମାସେ ରହିବା ପରେ ଶାବକଙ୍କୁ ଓଡ଼ିଶା ଅଣାଯାଇଥିଲା ସୂଚନା