आज दुनिया भर में ‘इंटरनेशनल टाइगर डे’ मनाया जा रहा है । इसका मकसद बाघों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना, उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना और जंगली बाघों की घटती संख्या की समस्या को हल करना है । भारत, विज्ञान पर आधारित नीतियों और मज़बूत संस्थागत सहयोग के ज़रिए बाघ संरक्षण में एक ग्लोबल लीडर के तौर पर उभरा है। अब दुनिया के लगभग 70% जंगली बाघ भारत में ही पाए जाते हैं। लगातार संरक्षण प्रयासों, आवास की सुरक्षा, वैज्ञानिक निगरानी और समुदाय की भागीदारी के ज़रिए भारत ने बाघों की संख्या 2006 में 1,411 से बढ़ाकर 2022 में 3,682 कर ली है। टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी, असरदार गवर्नेंस और समुदाय की भागीदारी ने संरक्षण के नतीजों को और मज़बूत किया है। भारत बाघों और उनके आवासों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ग्लोबल सहयोग को भी बढ़ावा दे रहा है। ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ ने बाघों वाले 18 राज्यों में 58 टाइगर रिज़र्व का एक नेटवर्क बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ग्लोबल टाइगर डे’ पर वन्यजीव प्रेमियों को बधाई दी और बाघ संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। मोदी ने बाघ संरक्षण में अहम भूमिका निभाने वाले वन कर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणवादियों की तारीफ़ की और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने तथा इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव को कम करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। Post navigation लोकसभा से पास हुआ एंटी पेपर लीक संशोधन बिल, वंदे मातरम बिल को राज्यसभा की मिली मंज़ूरी