EC gives opportunity to electors left out of draft rolls in Delhi 6 States during SIR

एक अहम फैसले में, चुनाव आयोग ने शुक्रवार को उन मतदाताओं को एक और मौका दिया है, जिन्हें एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना फॉर्म) तो दिए गए थे, लेकिन उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। अब वे अपने नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करवा सकते हैं।

ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम न होने का एक कारण यह हो सकता है कि उन्हें ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) के रूप में चिह्नित किया गया हो।

ये निर्देश दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड के लिए लागू हैं।

चुनाव आयोग ने अधिकारियों से एक निगरानी तंत्र (मॉनिटरिंग मैकेनिज्म) बनाने को कहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी पात्र मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के अवसर से वंचित न रहे, और साथ ही डुप्लिकेट पंजीकरण को भी रोका जा सके।

इन निर्देशों के तहत, ASDD श्रेणियों में चिह्नित मतदाताओं की बूथ-वार सूची संबंधित मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों और शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर फिर से लगाई जाएगी। ये सूचियां संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर पढ़ने योग्य PDF फॉर्मेट में भी अपलोड की जाएंगी।

इन सूचियों में ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी बताए जाएंगे।

चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने ECINET डैशबोर्ड के जरिए आंशिक रूप से भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म फिर से तैयार करें। बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को संबंधित मतदाताओं से संपर्क करने और उन तक ये फॉर्म पहुंचाने के लिए कहा जाएगा—चाहे वे फॉर्म सीधे (फिजिकली) दिए जाएं या फिर WhatsApp, ईमेल या SMS के जरिए (जहां भी संपर्क विवरण उपलब्ध हों)।

By Nirvay

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