केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। उन्होंने इसे छात्रों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराने वाला एक अहम कानून बताया। लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर 10 घंटे तक बहस होगी । इस प्रस्तावित कानून का मकसद मौजूदा ‘पेपर लीक विरोधी’ कानून को और मज़बूत बनाना है। इसके तहत परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के लिए सख़्त सज़ा, तेज़ी से जांच और मुक़दमे की त्वरित सुनवाई का प्रावधान किया गया है। बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पंजाब और कर्नाटक, दोनों ही जगहों पर पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं। यह एक व्यापक समस्या है। सरकार का तर्क है कि यह समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है और सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए देश भर में सख़्त उपायों की ज़रूरत है। प्रस्तावित ‘पेपर लीक विरोधी’ कानून में परीक्षा का पेपर लीक करने के दोषी पाए जाने वालों के लिए सख़्त सज़ा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। Post navigation Flood Situation in Odisha: ଓଡ଼ିଶାରେ ନିୟନ୍ତ୍ରଣରେ ଅଛି ବନ୍ୟା ସ୍ଥିତି: ରାଜସ୍ବ ମନ୍ତ୍ରୀ Ratha Jatra 2026: ରଥଯାତ୍ରାର ସଫଳ ଆୟୋଜନ ପାଇଁ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଧନ୍ୟବାଦ ଜଣାଇଲେ ଆଇନ ମନ୍ତ୍ରୀ