कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी, जिन्हें नई सरकार की प्राथमिकताओं और प्रशासनिक दिशा के रूप में देखा जा रहा है। बैठक का सबसे बड़ा फैसला राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का रहा। लंबे समय से केंद्र की इस स्वास्थ्य योजना से बाहर रहे पश्चिम बंगाल में अब गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। सरकार ने कहा कि अब केंद्र की प्रमुख योजनाओं को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। कैबिनेट ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के लिए BSF को आवश्यक जमीन 45 दिनों के भीतर सौंपने का फैसला भी लिया। सरकार का कहना है कि इससे अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया गया। अब नए आपराधिक मामलों की दर्ज प्रक्रिया नए कानूनों के तहत होगी। सरकार ने नौकरशाहों की केंद्रीय प्रशिक्षण और प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया को भी मंजूरी दी, जिसे पूर्व सरकार के दौरान सीमित कर दिया गया था। नई सरकार का दावा है कि इससे प्रशासनिक दक्षता और केंद्र-राज्य समन्वय मजबूत होगा। कैबिनेट बैठक में 2015 के बाद से लंबित सरकारी भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का भी ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होगी। बैठक में चुनाव आयोग और मतदाताओं का शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए धन्यवाद भी दिया गया। साथ ही चुनावी हिंसा में मारे गए 321 भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया। Post navigation Assam Oath Ceremony: କାଲି ଦିନ ୧୧ରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ଶପଥ ନେବେ ହିମନ୍ତ ବିଶ୍ବଶର୍ମା