पश्चिम बंगाल एक बार फिर हिंसा, हत्याओं और राजनीतिक टकराव की भयावह तस्वीर पेश कर रहा है। राज्य के कई जिलों से लगातार बमबाजी, आगजनी, मारपीट और राजनीतिक संघर्ष की घटनाएँ सामने आ रही हैं। हाल के दिनों में हुई कई हत्याओं ने बंगाल की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी नेता चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य की राजनीति को झकझोर दिया है। पुलिस जांच में हमले की साजिश, संदिग्ध गतिविधियों और एक कार की भूमिका सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। विपक्ष इसे पूर्व नियोजित राजनीतिक हत्या करार दे रहा है। इसके साथ ही अलग-अलग जिलों में कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की हत्या की घटनाओं ने आम लोगों के बीच भय और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। चुनाव समाप्त होने के बावजूद बंगाल में हिंसा का दौर थमता नजर नहीं आ रहा। कई जगहों पर पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी, घरों पर हमले तथा राजनीतिक प्रतिशोध की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा और खून-खराबा किसी भी सभ्य समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। बंगाल को अब टकराव नहीं, शांति, सुरक्षा और कानून के निष्पक्ष शासन की आवश्यकता है। Post navigation Operation Sindoor was not an End, it was the beginning: Lt Gen Rajiv Ghai