केंद्रीय गृह मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक अब सभी स्कूलों, आधिकारिक अवसरों और भाषण के दौरान ‘जन गण मन’ से पहले भारतीय राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को बजाना और इसके सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य है । नियमों के मुताबिक अब राष्ट्रगीत के छह अंतरे गाए जाएंगे, जिसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित । भारतीय राष्ट्रगीत की रचना महान साहित्यकार ‘बकिम चंद्र चटर्जी’ द्वारा 07 नवंबर, 1875 में की थी । लाल किले पर भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया। इस ऐतिहासिक क्षण ने इस वर्ष के समारोह को भारत की स्वतंत्रता गाथा में ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की विरासत से जोड़ दिया। वंदे मातरम् — हिंदी में: वन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम्॥’ ‘शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्, फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्, सुखदाम् वरदाम् मातरम्। वन्दे मातरम्॥ ‘कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि भुजोधृत खरकरवाले, के बोले मां तु्मि अबले, बहुबलधारिणी नमामि तारिणीम्, रिपुदलवारिणी मातरम्। वन्दे मातरम्॥’ ‘तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हदि तुमि मर्म, त्वमहि प्राणः शरीर, बाहुते तुमि मां शक्ति, हृदये तुमि मां भक्ति, तोमारै प्रतिमा गढि मन्दिरे-मन्दिरे। वन्दे मातरम्॥’ ‘त्वमहि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी, कमला कमलदलविहारिणी, वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्, नमामि कमलाम्, अमलाम् अतुलाम्, सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम्॥’ ‘श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूमिताम्, धरनीम् भरनीम् मातरम्। वन्दे मातरम्॥’ Post navigation Independence Day 2026: ସ୍ୱାଧୀନତା ଦିବସ-୨୦୨୬ ଅବସରରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣ