प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से किए गए सात प्रमुख आग्रहों को केवल सामान्य सलाह मानकर अनदेखा नहीं किया जा सकता। घर से कार्य करने को प्रोत्साहन, पेट्रोल-डीज़ल की बचत, अनावश्यक विदेश यात्राओं से परहेज़, सोने की खरीद पर रोक, खाद्य तेल के सीमित उपयोग तथा स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने जैसे संदेश स्पष्ट संकेत देते हैं कि सरकार आने वाले वैश्विक आर्थिक दबावों और संभावित संकटों को लेकर गंभीर और सतर्क है। वर्तमान समय में पूरा विश्व कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों, आपूर्ति व्यवस्था में बाधाओं, अंतरराष्ट्रीय तनाव, बढ़ती महंगाई और खाद्य संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। भारत अपनी आवश्यकताओं का बड़ा भाग विदेशों से मंगाता है, विशेषकर ईंधन, खाद्य तेल और उर्वरकों के क्षेत्र में। ऐसे में यदि वैश्विक परिस्थितियाँ और बिगड़ती हैं, तो उसका सीधा प्रभाव आम नागरिकों की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए सरकार अभी से संयमित उपभोग, संसाधनों की बचत और आत्मनिर्भरता पर बल दे रही है। यह अपील भय पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र को सामूहिक रूप से कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार करने का प्रयास है। संदेश बिल्कुल स्पष्ट है – बचत, सादगी, स्वदेशी और जिम्मेदार जीवनशैली ही आने वाले समय में भारत की सबसे बड़ी शक्ति सिद्ध हो सकती है। Post navigation 3 arrested in Chandranath Rath Murder Case