ओडिशा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति प्रक्रिया अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहुंच गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने 2006 के प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए संभावित उम्मीदवारों की सूची में अयोग्य अधिकारी को शामिल किया। 7 अगस्त 2026 को UPSC की बैठक में तीन DGP-rank अधिकारियों में से नए DGP के चयन पर विचार होना था। हालांकि, राज्य सरकार ने बैठक के दौरान पहले भेजी गई सूची वापस ले ली। अब सरकार नई सूची तैयार कर रही है, जिस पर भी सवाल उठाए गए हैं। RTI कार्यकर्ता पिनाकपाणि महांति ने इस मामले में PIL दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई स्वीकार करते हुए 12 अगस्त को सुनवाई तय की है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि UPSC DGP नियुक्ति के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड से अवगत है और अयोग्य अधिकारी का नाम आने पर वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करेगा। वर्तमान DGP वाई.बी. खुरानिया 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Post navigation No-Trust Vote Against Chameli Ojha: ସରପଞ୍ଚ ଚାମେଲି ଓଝାଙ୍କ ବିରୋଧରେ ଜାରି ରହିବ ଅନାସ୍ଥା ପ୍ରକ୍ରିୟା: ହାଇକୋର୍ଟ Health Crisis in India: ଦିଲ୍ଲୀପ ରାୟଙ୍କ ପ୍ରଶ୍ନର ଉତ୍ତର; ଦେଶରେ ବଢ଼ୁଛି ମଧୁମେହ, ମୋଟାପଣ ଓ ହାଇପର ଟେନ୍ସନ୍: କେନ୍ଦ୍ର ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ରାଷ୍ଟ୍ରମନ୍ତ୍ରୀ