राष्ट्रीय गीत को गाने को लेकर हुए विवाद के कुछ दिनों बाद, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने बुधवार को फ़ैसला किया कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सिर्फ़ शुरुआती दो पद ही गाएगी। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी का रुख ‘बिल्कुल स्पष्ट’ है और इसमें कोई भ्रम नहीं है । वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस 1937 के ऐतिहासिक फैसले का सम्मान करती है और पार्टी के कार्यकर्ता उसी के अनुरूप दो अंतरे ही गाएंगे । उस प्रस्ताव में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पदों को ही राष्ट्रीय गीत के तौर पर अपनाया गया था और बाकी चार पदों को छोड़ दिया गया था, जिनमें हिंदू देवियों का ज़िक्र है । CWC के प्रस्ताव के मुताबिक, कांग्रेस महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और सरदार पटेल जैसे राष्ट्रीय नेताओं के उन फ़ैसलों का पालन करेगी, जिनमें ‘वंदे मातरम’ को सिर्फ़ शुरुआती दो पदों तक ही सीमित रखने की बात कही गई थी । यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इस आरोप के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था कि दिल्ली में पार्टी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने ‘वंदे मातरम’ गाए जाने में बाधा डाली थी । कांग्रेस का कहना है कि उसका फ़ैसला राष्ट्रीय गीत को गाने से जुड़ी ऐतिहासिक समझ और परंपरा के अनुरूप है, जबकि BJP ने इस मुद्दे पर पार्टी की आलोचना की है । Post navigation Satyendar Jain, 4 Others Sent To 14-Day Judicial Custody