‘विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) एक्ट, 2025’ बुधवार से पूरे ग्रामीण भारत में लागू । यह एक नए फ़्रेमवर्क की शुरुआत है जिसका मकसद ग्रामीण रोज़गार, आजीविका सुरक्षा और टिकाऊ गाँव विकास को मज़बूत करना है। इसके तहत, हर पात्र ग्रामीण परिवार के लिए कानूनी तौर पर गारंटीकृत मज़दूरी-आधारित रोज़गार को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि इस नए कानून का मकसद टिकाऊ ग्रामीण संपत्तियां बनाना और आजीविका के बेहतर मौकों व मज़बूत ग्रामीण बुनियादी ढांचे के ज़रिए ‘विकसित भारत @2047‘ के विज़न को तेज़ी से आगे बढ़ाना है। इसे पूरे देश में लागू करने के लिए, सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि जारी की है । मजदूरों की कमाई बढ़ाने के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी भी 300 रुपये तय की गई है, जिससे पहले की तुलना में उन्हें अधिक आय का फायदा मिलेगा । केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर नए फ़्रेमवर्क में आसानी से बदलाव के लिए सभी प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मनरेगा की अपेक्ष इस योजना में अगर कोई सबसे बड़ा बदलाव है तो वह यह है कि इससे फ्रॉड और घपले-घोटाले से बचने की आधुनिक ढंग से कोशिश की गई है । Post navigation Commercial LPG Cylinder Price Slashed by ₹183.50, Now at ₹2,930