Supreme Court Emphasises Children’s Internet Access Safety and Freedom

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को कड़ी फटकार लगाई । मजिस्ट्रेट ने एक लॉ स्टूडेंट को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले ‘Gen Z’ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कथित तौर पर प्रचार करने पर प्रिवेंटिव नोटिस (एहतियाती नोटिस) जारी किया था ।

CJI सूर्य कांत ने BNSS की धारा 130 के तहत 20 साल के स्टूडेंट को नोटिस जारी करने को लेकर गौतम बुद्ध नगर प्रशासन से सवाल किया ।

चीफ जस्टिस ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को फटकार लगाते हुए पूछा कि उन्होंने नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे की ।
कोर्ट ने पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने छात्र विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी FIR रद्द कर दी हैं और CJP विरोध प्रदर्शनों को लेकर किसी भी छात्र के खिलाफ भविष्य में कोई भी जबरदस्ती वाली कार्रवाई करने पर रोक लगाई है तो एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट नोटिस कैसे जारी कर सकते हैं ।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद ऐसा आदेश जारी नहीं किया जा सकता ।

चार सितंबर 2026 को जारी नोटिस में पुलिस रिपोर्ट का हवाला दिया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि अक्षत त्रिपाठी विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच सरकार विरोधी और भ्रामक बातें फैला रहे थे। उन पर छात्रों को कॉकरेच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रस्तावित धरने में शामिल होने के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया गया ।

By Nirvay

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