इंटरनेट की उपलब्धता और उसके इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने डिजिटल अधिकारों और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर नई चर्चा छेड़ दी है । अदालत के अनुसार, इंटरनेट तक पहुंच और उसका उपयोग संविधान के तहत मौलिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू हैं । यह मुद्दा बच्चों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए प्रासंगिक है । अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा और उनकी स्वतंत्रता को एक-दूसरे के विरोध में नहीं देखा जाना चाहिए । डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए उन्हें इंटरनेट से पूरी तरह वंचित करना ही एकमात्र समाधान नहीं हो सकता । Post navigation ट्रंप ने भारत को दी बड़ी राहत, रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंधों पर दी छूट, 100% टैरिफ का खतरा टला CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पुलिस हिरासत से रिहा, सशर्त जमानत मिली