प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित दो-दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया। यह समिट केंद्र और राज्यों को प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करने और समय-सीमा के साथ एक्शन प्लान तैयार करने के लिए एक साथ लाती है । प्रधानमंत्री ने जल को केवल सरकार का विषय न रहने देकर इसे ‘सबका प्रयास’, जनभागीदारी और जन-आंदोलन से जोड़ा है । इस सम्मेलन चार स्पष्ट संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं- जल परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, जल संचय को स्थायी जन-आंदोलन बनाना, ग्रामीण पेयजल स्रोतों को सुरक्षित रखना तथा प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक पर्याप्त, सुरक्षित, नियमित और भरोसेमंद जल सेवा सुनिश्चित करना। 1-2 सितंबर 2026 को आयोजित दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन, ‘टीम इंडिया’ की भावना को मजबूत करने, सहकारी संघवाद को गहरा करने और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला है। यह पहल महत्वपूर्ण क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर संयुक्त रूप से विचार-विमर्श करने और कार्यान्वयन व परिणामों में तेजी लाने के लिए एक व्यवस्थित मंच प्रदान करती है। इस शिखर सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रमुख प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करने, सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को साझा करने, कार्यान्वयन की चुनौतियों का समाधान करने और समयबद्ध कार्य-योजनाएं तैयार करने के लिए एक साथ भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय लक्ष्यों के लिए साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करना है कि विचार-विमर्श का परिणाम शासन और सेवा वितरण में मापने योग्य सुधार के रूप में सामने आए। Post navigation Biju Patnaik International Airport in Bhubaneswar Earns Prestigious ISO Certifications