Mining Ministry Clarifies on Amended MMDR Bill: "No State Will Lose a Single Rupee"
खान मंत्रालय ने संशोधित MMDR – खान और खनिज (विकास और विनियमन) विधेयक बिल-2026 के बारे में स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी राज्य को कोई वित्तीय नुकसान नहीं होगा ।
 
MMDR संशोधन बिल 2026 मिनरल वाली ज़मीन पर टैक्स लगाने से जुड़ा है — ज़मीन के अधिकारों से नहीं। राज्यों द्वारा पहले से मौजूद 14 तरह के टैक्स के ऊपर और टैक्स लगाने की वजह से, यह बिल बहुत ज़रूरी स्पष्टता और एकरूपता लाता है।
 
स्पष्टीकरण की मुख्य बातें:
 
➡️मंत्रालय के अनुसार, यह संशोधन माइनिंग सेक्टर को सुव्यवस्थित करने और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए लाया गया है, न कि राज्यों के अधिकार छीनने के लिए।
 
➡️राज्यों का रेवेन्यू राज्यों के पास ही रहेगा। रॉयल्टी, ऑक्शन प्रीमियम, DMF लाभ और GST का हिस्सा मिनरल वाले राज्यों को मिलता रहेगा।
 
➡️इस बिल का मकसद मिनरल टैक्स के ढांचे में बेहतर संतुलन और पूर्वानुमान की क्षमता लाना है।
 
➡️फेडरल ढांचा बरकरार रहेगा। यह बिल संवैधानिक व्यवस्था के तहत राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स के लिए एक ढांचा प्रदान करता है, साथ ही अनिश्चित और कई बार लगने वाले टैक्स को सीमित करता है।
 
➡️इस संशोधन का उद्देश्य स्थिर माइनिंग, राज्यों के लिए टिकाऊ रेवेन्यू और मजबूत विकास है।

By Nirvay

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