DRDO ने मंगलवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से ‘प्रलय’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इसे ‘क्वासी-बैलिस्टिक’ (quasi-ballistic) मिसाइल के रूप में जाना जाता है। DRDO द्वारा विकसित यह मिसाइल 500 किमी तक की दूरी पर मौजूद अलग-अलग लक्ष्यों के खिलाफ कई तरह के वॉरहेड ले जा सकती है। परीक्षण से पहले, 595 किमी के दायरे के लिए एक NOTAM (नोटम) जारी किया गया था। इसके अलावा, टेस्ट रेंज के 2 किमी के दायरे में रहने वाले लोगों को वहां से हटा दिया गया था। लॉन्च से पहले 2,500 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। ‘प्रलय’ एक सॉलिड-फ्यूल वाली, बेहद सटीक (high-precision) मिसाइल है, जो कई तरह के वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। इस क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल की खासियत यह है कि यह पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तरह एक तय रास्ते पर उड़ान भरने के बजाय कम ऊंचाई पर उड़ सकती है और रास्ते में अपनी दिशा भी बदल सकती है । इससे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना मुश्किल हो सकता है । इसे सेना और वायु सेना दोनों में शामिल किया जाएगा। इस तरह के कम दूरी वाले और बेहद सटीक हथियार, पाकिस्तान के साथ लगती नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक बड़ा बदलाव (game-changer) साबित हो सकते हैं। Post navigation Cyclone Arnab And Murasu Situation In Odisha: ବାତ୍ୟା ‘ଅର୍ଣ୍ଣବ’ ଓ ‘ମୁରାସୁ’କୁ ନେଇ ସୁରେଶ ପୂଜାରୀଙ୍କ ଉଚ୍ଚସ୍ତରୀୟ ସମୀକ୍ଷା ବୈଠକ