What is PM Modi's 'Saptadhara' plan to achieve Viksit Bharat by 2047

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में तेज़ी लाने के लिए सात-सूत्रीय ‘सप्तधारा’ सुधार फ्रेमवर्क पेश किया।

‘विकसित भारत’ का लक्ष्य पाने के लिए PM मोदी का ‘सप्तधारा’ प्लान कोई एक स्कीम या नया मंत्रालय नहीं है। बल्कि, यह सात हिस्सों वाला एक रणनीतिक फ्रेमवर्क है। इसमें उन क्षेत्रों को शामिल किया गया है जो PM मोदी के अनुसार भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए ज़रूरी आर्थिक, तकनीकी, बुनियादी ढाँचे से जुड़ी, सैन्य, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक मज़बूती दे सकते हैं।

PM मोदी की सात ‘सप्तधाराएँ’ क्या हैं?

1. मैन्युफैक्चरिंग पावर (निर्माण क्षमता): पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग है। PM मोदी ने कहा कि भारत को पूरी मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन—कंपोनेंट और डिज़ाइन से लेकर तैयार उत्पादों तक—में मज़बूती बनानी होगी और ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद हिस्सा बनना होगा। उन्होंने तीन ज़रूरतों पर ज़ोर दिया: लागत, गुणवत्ता और पैमाना (स्केल)।

2. कृषि और फ़ूड प्रोसेसिंग: दूसरी धारा कृषि और फ़ूड प्रोसेसिंग है। यहाँ ज़ोर सिर्फ़ कृषि उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि खेत से ग्लोबल मार्केट तक पहुँचने पर है। PM मोदी ने मोटे अनाज (मिलेट्स), मसालों, फलों और सब्ज़ियों जैसे उत्पादों का ज़िक्र किया और कहा कि भारत के पारंपरिक खाद्य उत्पाद ग्लोबल ब्रांड बनने चाहिए।

3. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: तीसरी धारा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन है। PM मोदी ने UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत के अनुभव का ज़िक्र किया। उन्होंने खास तौर पर डेटा सेंटर, रोबोटिक्स, उभरती टेक्नोलॉजी और अगली पीढ़ी के कम्युनिकेशन (जिसमें ‘मेड-इन-इंडिया’ 6G भी शामिल है) जैसे क्षेत्रों का ज़िक्र किया।

4. गति शक्ति: चौथी धारा ‘गति शक्ति’ है, जो रफ़्तार और कनेक्टिविटी की ताकत है। इसमें हाई-स्पीड रेल, हाईवे, इनलैंड वॉटरवे (आंतरिक जलमार्ग), एयरपोर्ट, पोर्ट और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।

5. डिफेंस शक्ति और आत्मनिर्भर डिफेंस: पाँचवीं धारा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता है। इसका मकसद घरेलू डिफेंस प्रोडक्शन को मज़बूत करना और ड्रोन व काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी टेक्नोलॉजी विकसित करना है, ताकि भारत को ग्लोबल डिफेंस सप्लायर बनाया जा सके।

6. ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी: छठी धारा दो क्षेत्रों को मिलाती है: ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी।

ग्रीन हिस्से में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा), ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज शामिल हैं। ‘ब्लू’ हिस्से का फ़ोकस भारत के समुद्र तट, महासागरों, मछली पालन, समुद्री गतिविधियों और तटीय पर्यटन पर है। इसका बड़ा मकसद आर्थिक विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव (एनर्जी ट्रांज़िशन) को एक साथ लाना है, साथ ही भारत की समुद्री क्षमता का भी पूरा इस्तेमाल करना है।

7. भारत की ‘सॉफ्ट पावर’: सातवीं और आखिरी धारा ‘सॉफ्ट पावर’ है।

यहीं पर मोदी की ‘सप्तधारा’ पारंपरिक आर्थिक पैमानों से आगे निकल जाती है। उन्होंने योग, हस्तशिल्प, डिजिटल कंटेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत का सांस्कृतिक प्रभाव खुद एक आर्थिक और भू-राजनीतिक संपत्ति बन सकता है।

By Nirvay

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